·        प्रारंभिक श्रम सहकारी समितियों की शीर्ष संस्था के रूप में उ०प्र० श्रम संविदा सहकारी समिति लि0, लखनऊ का निबन्धन वर्ष 1972 में हुआ था, जिसका मुख्य उद्देश्य सहकारी, सरकारी एवं विभिन्न उपक्रमों के निर्माण से सम्बन्धित कार्य प्राप्त करके सदस्य श्रम समितियों के माध्यम से कराना था। कालान्तर में वर्ष 1980 में श्रम संविदा सहकारी समिति लि0, लखनऊ का नाम परिवर्तित कर उ0प्र0 श्रम एवं निर्माण सहकारी संघ लि0, लखनऊ रखा गया |

·        शासनादेश संख्या- ई-8-372/दस-2010, दिनांक 24.05.2010 द्वारा उ०प्र० राज्य निर्माण एवं श्रम विकास सहकारी संघ लि0, लखनऊ को राजकीय निर्माण एजेन्सी घोषित किया गया जिसके अन्तर्गत मानकीकृत कार्यो हेतु लागत सीमा 5.00 करोड़ एवं गैर मानकीकृत कार्यों हेतु 2.50 करोड़ की लागत सीमा निर्धारित की गयी |

·        विगत वर्षों में उ0प्र0 श्रम एवं निर्माण सहकारी संघ लि0 द्वारा सरकारी/सहकारी क्षेत्रों में विविध प्रकार के निर्माण कार्य यथा डी0आर0डी0ए0 कार्यालय भवनों, कृषि विभाग के अनावासीय भवनों, भण्डारागार निगम के निर्माण कार्यों एवं अन्य विभागों के विभिन्न निर्माण कार्य आदि निर्धारित गुणवत्ता, समयबद्धता एवं विशिष्टियों के अनुरूप पूर्ण कराये गये है। उपविधि में आवश्यक संशोधन कर वर्ष 2014 में संघ के नाम को परिवर्तित कर उ०प्र० राज्य निर्माण एवं श्रम विकास सहकारी संघ लि0, (UPCLDF) लखनऊ रखा गया |

·        शासन द्वारा शासनादेश संख्या-6/2015/ई-8-1320/दस-2015-53/2005, दिनांक 18.11.2015 द्वारा पुनः उ०प्र० राज्य निर्माण एवं श्रम विकास सहकारी संघ लि0, लखनऊ को राजकीय निर्माण एजेन्सी घोषित किया गया जिसके अन्तर्गत मानकीकृत कार्यो हेतु लागत सीमा 5.00 करोड़ एवं गैर मानकीकृत कार्यों हेतु 2.50 करोड़ की लागत सीमा निर्धारित की गयी है |

·        उ०प्र० राज्य निर्माण एवं श्रम विकास सहकारी संघ लि0 में आवश्यकतानुसार अनुभवी एवं तकनीकी रूप से दक्ष अधिकारी/कर्मचारी कार्यरत हैं। संघ में अनुभवी वास्तुविदों का एक पैनल भी कार्यरत है जिसके द्वारा आवश्यकतानुसार भवनों के मानचित्र एवं उनकी संरचना आदि तैयार करायी जाती है |

·        वर्तमान में संघ की 363 सदस्य समितियां कार्यरत है |