संक्षिप्त परिचय

प्रारभ्भिक श्रम सहकारी समितियों की शीर्ष संस्था के रूप में उ0प्र0 श्रम संविदा सहकारी समिति लि0, लखनऊ का निबन्धन वर्ष 1972 में हुआ था, जिसका मुख्य उद्देश्य सहकारी, सरकारी एवं विभिन्न उपक्रमों से निर्माण से सम्बन्धित कार्य प्राप्त करके सदस्य श्रम समितियों के माध्यम से कराना था। इस निर्माण कार्य में प्रारम्भिक श्रम समितियों की सभी प्रकार से सहायता करना भी शामिल था। कालान्तर में श्रम समितियों को निर्माण कार्य प्राप्त करने में कठिनाई हुई, जिसके परिणाम स्वरूप उ0प्र0 श्रम संविदा सहकारी समिति लि0, लखनऊ की उपविधि में आवश्यक संशोधन कर निर्माण कार्य प्राप्त कर स्वयं अथवा अपनी सदस्य श्रम संविदा समितियों के माध्यम से काराया जाना सुनिश्चित किया गया तथा इस कार्य हेतु वर्ष 1980 में श्रम संविदा सहकारी समिति लि0, लखनऊ का नाम परिवर्तित कर उ0प्र0 श्रम एवं निर्माण सहकारी संघ लि0, लखनऊ रखा गया।

विगत वर्षों में उ0प्र0 श्रम एवं निर्माण सहकारी संघ लि0 द्वारा सरकारी/सहकारी क्षेत्रों में विविध प्रकार के सिविल निर्माण कार्य यथा डी0आर0डी0ए0, कार्यालय भवनों, कृषि विभाग के अनावासीय भवनों, भण्डारागार निगम के निर्माण कार्यों एवं अन्य विभागों उच्च प्रकार के सिविल निर्माण कार्य आदि निर्धारित गुणवत्ता, समयबद्धता एवं विशिष्टियों के अनुरूप पूर्ण कराये गये है। उ0प्र0 श्रम एवं निर्माण सहकारी संघ लि0 के नाम की अन्य प्रारम्भिक समितियाँ सदस्य होने के कारण भ्रान्ति होने के फलस्वरूप विभाग ने आवश्यकतानुसार उ0प्र0 श्रम एवं निर्माण सहकारी संघ लि0, लखनऊ के नाम को उपविधि में आवश्यक संशोधन कर वर्ष 2014 को उ0प्र0 राज्य निर्माण एवं श्रम विकास सहकारी संघ लि0, लखनऊ रखा गया।

उ0प्र0 राज्य निर्माण एवं श्रम विकास सहकारी संघ लि0 में प्राप्त अनुभवी एवं तकनीकी रूप से दक्ष अधिकारी कार्यरत हैं। संघ में अनुभवी वास्तुविदों का एक पैनल भी कार्यरत है, जिसके द्वारा आवश्यकता अनुसार भवनों के मानचित्र एवं उनकी संरचना आदि तैयार करायी जाती है तथा निर्माण कार्यों में लम्बे अनुभवों, गुणवत्ता, समयबद्धता और प्रमुख रूप से संघ की विश्वसनीयता को दृष्टिगत रखते हुए उ0प्र0 शासन द्वारा अपने शासनादेश संख्या-6/2015/ई-8-1320/दस-2015-53/2005, दिनांक 18 नवम्बर 2015 द्वारा उ0प्र0 राज्य निर्माण एवं श्रम विकास सहकारी संघ लि0, लखनऊ को राजकीय निर्माण एजेन्सी घोषित किया गया। जिसके द्वारा सरकारी/सहकारी तथा शासन द्वारा प्राप्त मानकीकृत एवं गैर मानकीकृत निर्माण कार्यों को गुणवत्ता, समयबद्धता, विश्वसनीयता एवं विशिष्टियों के अनुरूप पूर्ण कराये जाते हैं।